Vaidik Gyan...
Total:$776.99
Checkout

अपराधी जो अपनी जुबान से कहे मारा हूँ ||

Share post:

अपराधी जो अपनी जुबान से कहे मारा हूँ ||
ऐसे लोगों को फांसी देने में किन जज की फैसला चाहिए ?
सरकार को चाहिए ऐसे लोगों को फ़ौरन फांसी का आदेश सुना देना जिससे की और कातिलों को पता लगे, की किसी को मारने का बदला फांसी ही है |
 
सरकार उसे गिरिफ्तार करके जेल में पालने का मतलब और कातिलों को बढ़ावा देना है | अगर यह काम सरकार करने लगे तो हमारे राष्ट्र की संपत्ति का नुकसान नहीं होगा |
 
उन्हें कई वर्ष तक जेल में पालने के लिए खर्च करना पड़ता है उसके पीछे, फिर सरकार केस चलाती है उसपर फिर कई वर्षों के बाद उसका फैसला आता है यह राष्ट्र के साथ धोखा है |
 
जहां कातिल किसी का गला काटने को स्वीकार कर रहा है तो जज क्या फैसला देंगे ? फैसला उस जगह है जहां यह पता न लगे की कतल किसने की ? यहाँ वेह स्वीकार कर रहा है अपने को गौरान्वित महसुस कर रहा है कतल करना |
 
और अपनी जुबान से यह भी कह रहा है लब्बैक या रसूल अल्लाह = की ऐ रसूल हम हाज़िर हैं आप पर कोई कुछ कहे हम उसका गला काटेंगे |
 
भारत सरकार को चाहिए इन शब्द पर प्रतिबन्ध लगायें | जिसे गुस्ताखे रसूल कह रहे हैं | रसूल ने जो किया उसे कहना अपराध है क्या ? उन्हों ने रसूल की जीवनी लिखी किस लिए ?
गुसताख तो वही लोग हैं जिन्हों ने अपनी किताब में यह बातें लिखी हो | उस किताब पर प्रतिबन्ध लगे पहले |
 
इतना सब कुछ कह कर, यह काम कर रहा है इसके किये काम को फिर भी यह आकल के दुश्मन कह रहे हैं आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता |
 
यह कितनी फूहड़ पण की बातें हैं न मालूम भारत सरकार आँखें कब खोलेंगे ? जब की यह कुरान के मानने वाले ही कुरान के खिलाफ काम कर रहे हैं देखें इनका कुरान क्या कहता है | यह सूरा मायदा 5 का आयात 32
مِنْ أَجْلِ ذَٰلِكَ كَتَبْنَا عَلَىٰ بَنِي إِسْرَائِيلَ أَنَّهُ مَن قَتَلَ نَفْسًا بِغَيْرِ نَفْسٍ أَوْ فَسَادٍ فِي الْأَرْضِ فَكَأَنَّمَا قَتَلَ النَّاسَ جَمِيعًا وَمَنْ أَحْيَاهَا فَكَأَنَّمَا أَحْيَا النَّاسَ جَمِيعًا ۚ وَلَقَدْ جَاءَتْهُمْ رُسُلُنَا بِالْبَيِّنَاتِ ثُمَّ إِنَّ كَثِيرًا مِّنْهُم بَعْدَ ذَٰلِكَ فِي الْأَرْضِ لَمُسْرِفُونَ [٥:٣٢]
On that account: We ordained for the Children of Israel that if any one slew a person – unless it be for murder or for spreading mischief in the land – it would be as if he slew the whole people: and if any one saved a life, it would be as if he saved the life of the whole people. Then although there came to them Our messengers with clear signs, yet, even after that, many of them continued to commit excesses in the land. |
यहाँ लिखा है किसी ने एक आदमी की हत्या की तो जनों उसने पूरी मानवता की हत्या की | कुरान की बातें सत्य है या मुसलमान जो कर रहे हैं वह सत्य है ?
महेंद्र पाल आर्य =

Top