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आज़ादी का बिगुल बजाने वाले सन्यासी |

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आजादी की लड़ाई में आर्य समाज ने बहुत ज्यादा जिम्मेदारी निभाया और बहुत ज्यादा बलिदान भी दिया 1872 में आर्यसमाज के संस्थापक ऋषि दयानन्द जी ने अंग्रेज वाइज राय के सामने अंग्रेजी राज्य का विरोध किया लोग उन्हें भूल कर आज आजादी में RSS को बताया जा रहा,आर्यसमाज केअधिकारी मौन क्यों?
 
उन दिनों RSS का जन्म भी नहीं हुआ था और इन्हें आज़ादी की लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया किस आधार पर बताया जा रहा है यह बात समझ से परे की है | क्रांति कारियों का अधिनायक बताये जाने वाले श्यामजी कृष्ण वर्मा का परिचय 1875 में मुंबई के एक शास्त्रार्थ के समय हुआ ऋषि दयानन्द जी से |
 
जिस प्रकार योगेश्वर श्री कृष्णजी ने अर्जुन को तैयार किया कौरवों से युद्ध करने के लिए | ठीक इसी प्रकार ऋषि दयानन्द जी ने श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा को तैयार किया अंग्रेजों के अमानवीयता को किस प्रकार भारतियों पर अत्याचार यह लोग कर रहे हैं उन्हें समझा कर तैयार किया |
 
दुर्भाग्य से आज इन गुरु शिष्य दोनों का नाम कहीं नहीं लिया जा रहा है | न गुरु दयानन्द जी का नाम लिया जा रहा हैं, और न शिष्य श्यामजी कृष्ण वर्मा का नांम कहीं लिया जा रहा है |
 
जब की आज़ादी का बिगुल बजाने वाले तो सन्यासी ही थे जिन लोगों का नाम केवल आर्य समाज के इतिहास तक ही रह गया है | आर्य समाजी बहुत को मालूम नहीं की वह सन्यासी गण कौन थे ?
स्वामी औमानन्द – उनके शिष्य पूर्णानन्द -उनके शिष्य विरजानन्द -उनके शिष्य दयानन्द =यही चार सन्यासी ने दिग्विजय किया भारत वासियों को कहा विदेशी राज्य अच्छा नहीं होता चाहे वह पुत्र वत व्यबहार क्यों न करे | स्वदेशी राजा शर्त्रू वत व्यबहार करने वाला ही सर्वोपरी होता है | अपना देश वासियों को स्वदेशी राजा बनाना चाहिए |
 
यही बात तो ऋषि दयानन्द जी ने अंग्रेज वाइसराय के मुह पर कह दिया | उनदिनों कौन था राष्ट्रिय सयंम सेवक ?
जिस दयानन्द नें एक से बढ़कर एक क्रांति कारिओं को तैयार किया आज लोग उन्हें जानते ही नहीं है कौन है आर्य समाज और क्या है आर्य समाज ? यह जानकारी कराने की जिम्मेदारी किन लोगों की थी ?
 
क्या इन्होंने अपनी जिम्मेदारी को जाना या समझा ? निभाते तो तब जब यह जानने का प्रयास करते ? सब मिलकर यहाँ पल्ला झाड़ कार्य क्रम चला रहे है, इसे दुर्भाग्य ही कहा जायगा |
जब यह आर्य समाजी अपने सम्मलेन में प्रधान मंत्री, गृह मंत्री और योगी आदित्य नाथ जी को बुला सकते हैं तो अपना इतिहास भी तो उन्हें बता सकते हैं ?
 
योगी आदित्यनाथ जी को बखूबी आर्य समाज का इतिहास पता है वेह समय समय पर इसे बताते हैं आप की अदालत में रजत शर्मा के कार्य क्रम में बताया |
 
प्रधान मंत्री जी को और गृह मंत्री जी के पास जा कर इस राष्ट्रीयता में ऋषि दयानन्द जी का उनके द्वारा बनाये गए आर्य समाज का क्या योग दान है वेह बताना चाहिए | अपनी बातों को जब तक हम किसी के पास नहीं ले जायेंगे तो उसका प्रचार कैसा होगा ? आप लोग भी इसपर चिंतन और मनन करें धन्यवाद |

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