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एक तरफ तो अल्लाह ने खुद कहा की मैं हिदायत देता हूँ ||

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एक तरफ तो अल्लाह ने खुद कहा की मैं हिदायत देता हूँ ||
अगर अल्लाह की यह बात सच है तो अल्लाह अपने पैगम्बर से यह कह सकते थे की कोई बात नहीं इन सब के दिल को मैं तुम्हारी तरफ फेर देता हूँ यह सबके सब तुम्हारे अनुयाई बन जायेंगे |
पर अल्लाह ने ऐसा न कह कर अपने पैगम्बर की दुआ कुबूल कर ली और आसमान से पानी बरसाया और जमीन के नीचे से गर्म पानी पूरी जमींन में भर दिया और जितने भी नुह के विरोधी थे उन सब को मार डाला अल्लाह ने | और नुह को नाव बनाकर उस ने हर एक जीव जन्तु का दो, दो जोड़ी लेजा कहा बाकि सब को फ़ना कर देता हूँ यह कहा अल्लाह ने |
पर यह समझ में नहीं आती की नुह में दुनिया है अथवा दुनिया में नुह है ? क्या अल्लाह की दुनिया सिर्फ इसी नुह को लेकर है ? फिर नुह नाव चलाना कब सिखा या अल्लाह ने कब सिखाया ? जिसने नाव चलाना ही न सिखा हो उसके लिए नाव चलाना संभव होगा क्या नाव डूबेगा नहीं ? अल्लाह की इस कलाम ने संदेह के घेरे में डाल दिया मानवों को, की इसे सच प्रमाणित करने में लोगों के पसीने छुट रहे हैं, इसे ही अल्लाह की कलाम मान रहे हैं लोग |
दूसरी बात यह भी है की अल्लाह ने जमीन के अन्दर से गरम पानी निकालना बंद नहीं किया | यह गर्म पानी निकलना क्यों और कैसे सम्भव हुआ ? पानी गरम कौन किया कैसे किया कैसे करना सम्भव हुआ आदि सवाल सामने खड़े हो गये | सवाल यह भी है की अल्लाह की दुनिया केवल नुह को और नुह के समाज को लेकर ही है क्या ? अगर वे लोग हजरत नुह की बातें नहीं मान रहे थे तो उन्हें हलाक कर दिया | तो क्या उस दुनिया में जीवजन्तु कोई नहीं था यह तो हो ही नहीं सकता ? कारण सबके दो,दो,जोड़ी नाव पर ले जाने को कहा, और ले गये| तो बाकी को अल्लाह ने हलाक कर दिया यह दोष नहीं लगा अल्लाह पर ? उन जीवों को मारने में पाप हुआ या नहीं कौन है वे पापी ?
यहाँ एक घटना और भी है जब सारे जीव उस नाव पर आ गये तो कुछ देर के बाद गाय,भैंस, घोडा, गधा यह सब नाव में गोबर कर दिया | अल्लाह ने नुह से कहा शेर के पुब्छ को हिलाव उससे दो सुवर पैदा हो गये, सवाल यह है की जब सबका डोडो जोड़ी लाने को कहा तो क्या सुवर नहीं लाया गया था ? अब सुवर को पैदा होने का तरीका अल्लाह ने क्या बताया शेर के पूंछ हिलाकर, क्या याह बातें सच होना सम्भव है ? अगर यह मान भी लेते हैं की सुवर पैदा हो गया सब मल मूत्र को खा कर साफ़ भी कर दिया होगा | लेकिन क्या वह सुवर ने मल नहीं किया ? तो उस मल को साफ़ किसने की ? इस प्रकार कुरआन में किस्से भरे पड़े हैं मैंने एक का तोड़ा सा लिख कर बताया इस तरीके से किस्से में कुरान हैं या यह कहें की कुरान में किस्सा है |
इस प्रकार की कोई भी किस्सा या कहानी वेद में नहीं है कारण वेद ईश्वरीय ज्ञान है मानव मात्र के फायदे के लिए उपकार के लिए हैं मानव जीवन को सफल से सफल तम बनाने के लिए परमात्मा का दिया उपदेश है | जिसके द्वारा मानव अपना जीवन सुख पूर्वक जी सके, धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष, की प्राप्ति का प्रयास कर सके मानव जीवन का जो लक्ष्य है वे यही है |
कुरान में जन्नत, जिसमें हूरें और गिल्मान पाक शराब और मद मस्त होने की बातों से भरी पड़ी है | जहां नहरें जारी है,शराब, शहद, और दूध का भी लेकिन वे नहरें कहाँ से कहाँ तक बह रही है इसकी चर्चा नहीं है | खाने पीने की सभी सामान शराब, कबाब, और शबाब तक मिलेंगे यह बताया गया और बहुत रोचकता के साथ बताया गया है | कोई यह न समझे के सिर्फ कुरान में ही है यह बातें, पुराणों में भी है,और बाइबिल में भी है |
कुरान में जन्नत वालों को देने के लिए क्या क्या चीजें दिया जाएगा उन जन्नातियों को उसे भी एक बार कुछ प्रमाण देख लेते हैं | इसकी चर्चा तो बहुत है कुछ प्रमाण यहाँ प्रस्तुत करता हूँ |
عَـٰلِيَهُمْ ثِيَابُ سُندُسٍ خُضْرٌۭ وَإِسْتَبْرَقٌۭ ۖ وَحُلُّوٓا۟ أَسَاوِرَ مِن فِضَّةٍۢ وَسَقَىٰهُمْ رَبُّهُمْ شَرَابًۭا طَهُورًا ٢١
अर्थ :- उनके ऊपर रेशमी हरे महीन तथा दबीज वस्त्र होंगे और पहनाये जायेंगे उन्हें चाँदी के कंगन और पिलायेगा उन्हें उनका पालनहार पवित्र शराब । 76/21
आप लोग जरा ध्यान से पढना अल्लाह अपनी कलाम में क्या फार्म रहे हैं ? जन्नती हूरें रेशम की हरे और महीन कपडे पहनेंगे और उन्हें चाँदी की कंगन पहनाये जायेंगे | और उन्हें अर्थात उन जन्नातियों को उनके पालनहार अर्थात अल्लाह खुद पवित्र शराब डाल डाल कर पिलायेंगे | {अल्लाह खुद पिलायेंगे} शराब मिल गया अब शराब के साथ कवाब भी बताया गया | और शवाब भी
وَلَحْمِ طَيْرٍۢ مِّمَّا يَشْتَهُونَ ٢١
अर्थ :-तथा पक्षी का जो मांस वे चाहेंगे।{यहाँ परिंदों का गोष्ट का कवाब बताया}
وَحُورٌ عِينٌۭ ٢٢
अर्थ :- और गोरियाँ बड़े नैनों वाली। {यहाँ बड़ी बड़ी आँखों वाली जैसे छुपी मोती}
तो जिन अल्लाह की बातें मैं कर रहा था अब हमें उन अल्लाह के बारें में भी जान लेना चाहिए की कौन है वह अल्लाह क्या क्या नाम और हैं उस अल्लाह के नामों का, क्या क्या अर्थ हैं उन को भी देखेंगे | इस्लाम के मुताबिक अल्लाह ने 99 नाह है बताया गया है उन नामों के क्या क्या अर्थ है उसे भी देखेंगे पहले | उसके बाद हम यह भी देखेंगे की वेद में परमात्मा के नाम कितने बताये गये और क्या क्या अर्थ हैं उसे भी इसी पुस्तक में देखेंगें |
इससे और भी स्पष्ट होगा की जो ईश्वर और अल्लाह एक बताया जाता है वह कहाँ तक सही है उसका भी स्पष्ट हो जायेगा |
अल्लाह और ईश्वर एक नहीं है मैंने अनेक लेख और विचार विडिओ में आप लोगों को दिया हूँ | अब आप लोग खुद निर्णय करें कि सच क्या है ? महेन्द्र पाल आर्य =

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