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  कुरान का कहना क्या है आप लोग भी देखें इसे ||

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कुरान का कहना क्या है आप लोग भी देखें इसे ||
एक तरफ कुरान के बारे में कहा जाता है कि यह अल्लाह की कलाम है | जब हम कुरान को पढने लगते हैं तो हमें पता लगता है इसमें कई लोगों की वार्ता हो रही है | जिसका एक नमूना मैं आप लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ आप लोग भी इसे जरुर पढ़ कर देखें |

ذَٰلِكَ ٱلْكِتَـٰبُ لَا رَيْبَ ۛ فِيهِ ۛ هُدًۭى لِّلْمُتَّقِينَ ٢

یہ اللہ کی کتاب ہے ،اس میں کوئی شک نہیں1 ہے۔ہدایت ہے اُن پرہیزگاروں کے2 لئے

अर्थ  ये पुस्तक है, जिसमें कोई संशय (संदेह) नहीं, उन्हें सीधी डगर दिखाने के लिए है, जो (अल्लाह से) डरते हैं।

इस कुरान कि सूरा दो को शुरू किया गया इन वाक्य से, कि इस किताब में कोई सन्देह नहीं अर्थात इस किताब पर किसी भी प्रकार का कोई सन्देह न करो अल्लाह कि कलाम होने में |

अब सवाल पैदा होता है क्या सही में इस कुरान में कोई सन्देह किया जाना सम्भव हैं ? कुरान को पढने पर यह पता लगता है कि यह पूरी किताब सन्देह के घेरे हैं है कैसा ? जिसे आप लोग खुद पढ़ें और विचार करें |

أَوْ كَٱلَّذِى مَرَّ عَلَىٰ قَرْيَةٍۢ وَهِىَ خَاوِيَةٌ عَلَىٰ عُرُوشِهَا قَالَ أَنَّىٰ يُحْىِۦ هَـٰذِهِ ٱللَّهُ بَعْدَ مَوْتِهَا ۖ فَأَمَاتَهُ ٱللَّهُ مِا۟ئَةَ عَامٍۢ ثُمَّ بَعَثَهُۥ ۖ قَالَ كَمْ لَبِثْتَ ۖ قَالَ لَبِثْتُ يَوْمًا أَوْ بَعْضَ يَوْمٍۢ ۖ قَالَ بَل لَّبِثْتَ مِا۟ئَةَ عَامٍۢ فَٱنظُرْ إِلَىٰ طَعَامِكَ وَشَرَابِكَ لَمْ يَتَسَنَّهْ ۖ وَٱنظُرْ إِلَىٰ حِمَارِكَ وَلِنَجْعَلَكَ ءَايَةًۭ لِّلنَّاسِ ۖ وَٱنظُرْ إِلَى ٱلْعِظَامِ كَيْفَ نُنشِزُهَا ثُمَّ نَكْسُوهَا لَحْمًۭا ۚ فَلَمَّا تَبَيَّنَ لَهُۥ قَالَ أَعْلَمُ أَنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرٌۭ ٢٥٩

یا پھر مثال کے طور پر اس شخص کو د یکھو، جس کا گزر ایک ایسی بستی پر ہوا، جو اپنی چھتیوں پر اوندھی گری پڑی تھی۔1 اس نے کہا:”یہ آبادی، جو ہلاک ہو چکی ہے، اسےاللہ کس طرح دو بارہ زندگی بخشے گا؟”2اس پر اللہ نےاس کی رُوح قبض کر لی اور وہ سو برس تک مردہ پڑا رہا۔ پھر اللہ نے اسے دوبارہ زندگی بخشی اور اس سے پوچھا:”بتاؤ ، کتنی مدّت پڑے رہے ہو؟”اس نے کہا:”ایک دن یا چند گھنٹے رہاہوں گا۔”فرمایا:”تم پر سو برس اسی حالت میں گزر چکے ہیں۔ اب ذرا اپنے کھانے اور پانی کو دیکھو کہ اس میں ذرا تغیّر نہیں آیا ہے۔ دوسری طرف ذرا اپنے گدھے کو بھی دیکھو(کہ اسکا پنجر تک بوسیدہ ہورہا ہے )۔ اور یہ ہم نے اس لیے کیا ہے کہ ہم تمہیں لوگوں کےلیے ایک نشانی بنا دینا چاہتے ہیں3۔پھر دیکھو کے ہڈیوں کے اس پنجر کو ہم کس طرح اٹھا کر گوشت پوست اس پر چڑھاتے ہیں۔”اس طرح جب حقیقت اس کے سامنے بالکل نمایا ں ہو گئی ، تو اس نے کہا”میں جانتا ہو ں کہ اللہ ہر چیز پر قدرت رکھتا ہے۔”

अर्थ अथवा उस व्यक्ति के प्रकार, जो एक ऐसी नगरी से गुज़रा, जो अपनी छतों सहित ध्वस्त पड़ी थी? उसने कहाः अल्लाह इसके ध्वस्त हो जाने के पश्चात् इसे कैसे जीवित (आबाद) करेगा? फिर अल्लाह ने उसे सौ वर्ष तक मौत दे दी। फिर उसे जीवित किया और कहाः तुम कितनी अवधि तक मुर्दा पड़े रहे? उसने कहाः एक दिन अथवा दिन के कुछ क्षण। (अल्लाह ने) कहाः बल्कि तुम सौ वर्ष तक पड़े रहे। अपने खाने पीने को देखो कि तनिक परिवर्तन नहीं हुआ है तथा अपने गधे की ओर देखो, ताकी हम तुम्हें लोगों के लिए एक निशानी (चिन्ह) बना दें तथा (गधे की) अस्थियों को देखो कि हम उन्हें कैसे खड़ा करते हैं और उनपर कैसे माँस चढ़ाते हैं? इस प्रकार जब उसके समक्ष बातें उजागर हो गयीं, तो वह[ पुकार उठा कि मुझे (प्रत्यक्ष) ज्ञान हो गया कि अल्लाह जो चाहे, कर सकता है।

एक नमूना सिर्फ आप लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ यह आयात सूरा 2 का आयात 259 है | इसमें बताया गया एक व्यक्ति किसी ग्राम से निकल कर जा रहा था, देखा के उस ग्राम के सभी लोग मरे छत पर औन्धे मुह पड़े थे | उस व्यक्ति ने अल्लाह से कहा कि हे अल्लाह तु इस मरे हुए को जिन्दा कैसा करता है,मैं देखना चाहता हूँ | अल्लाह ने उसे कहा तु आगे जा तेरे पास जो खाने का सामान और गधा है उसे बांध दे और बैठ जा उसने ऐसा ही किया | कुछ देर बाद अल्लाह ने उस व्यक्ति के प्राण निकल लिया, और एक सौ साल के बाद उसके प्राण को उसमें वापस दिया | और पूछा कितने दिनसे सो रहे हो ? उसने कहा एक दिन ही नहीं बल्कि कुछ समय तक | अल्लाह ने कहा तुम सौ साल से सो रहे हो, इसका नमूना देखो तुमने जिस गधे को छोड़ा था उसके पिंजर पिंजर हड्डियां दिख रही है | इसपर अभी मैं मांस और खाल लगा दूंगा,और तुम्हारा खाने को जो सामान है उसे देखो जो बिलकुल ताजा है ख़राब नहीं हुआ|

यह कलाम अल्लाह कि और एक व्यक्ति से हो रही है, अब सवाल पैदा होता है कि अल्लाह के कलाम के साथ व्यक्ति का कलाम कैसे ? दूसरी बात यह हैं कि जो आदमी सौ साल से सो रहा है उसके शरीर का पिंजर पिंजर नहीं हुआ और उसके गधे का पिंजर पिंजर हो गया यह कैसे ?

सबसे चौकाने वाली बात है कि उसके खाने का जो सामान था वह सौ साल में भी ख़राब नहीं हुआ यह कैसे सम्भव हो रहा है ? कुरान में इसी प्रकार कि गप्पे भरी है | एक छोटा सा नमुना मैंने प्रस्तुत किया आप लोग इसे पढ़ें और विचार करें कि कुरान में प्रथम बताया गया कि इसमें कोई सन्देह नहीं है \ परन्तु कुरान के इस किस्से में सन्देह होता है या नहीं मानव कहलाने वालों, कि यह किस्सा सच होना सम्भव है क्या ?  यह एक नमूना कुरान कि आयत आप लोगों के सामने रखा है इससे यह अंदाजा लगा लीजिये कि दुनिया के लोग जिसे अल्लाह कि कलाम कहते है और मानते हैं उसमें क्या किस्सा है ?         महेन्द्र पाल आर्य= वैदिक प्रवक्ता = 13 /12 /2022

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