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जो अल्लाह कुपथ कर दे, वह अल्लाह तो है ईश्वर नहीं ||

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जो अल्लाह कुपथ कर दे, वह अल्लाह तो है ईश्वर नहीं ||
مَن يُضْلِلِ ٱللَّهُ فَلَا هَادِىَ لَهُۥ ۚ وَيَذَرُهُمْ فِى طُغْيَـٰنِهِمْ يَعْمَهُونَ ١٨٦
अर्थ :- जिसे अल्लाह कुपथ कर दे, उसका कोई पथपर्दर्शक नहीं और उन्हें उनके कुकर्मों में बहकते हुए छोड़ देता है। 7,186
दुनिया के मानव कहलाने वालों को भली प्रकार अल्लाह को समझ लेना चाहिए कि जो अल्लाह सीधा रास्ता दिखता है वही अल्लाह मानवों को भटकाता भी है | यह दोनों बातें परस्पर विरोधी है अल्लाह को अपना समय अलग अलग करना होगा कि एक समय रास्ता दिखाने के लिए और दूसरा समय रास्ता भटकाने के लिए |
ईश्वर में यह अवगुण नहीं है किसी को रास्ता भाटका दे वह काम तो एक नेक इंसान का भी नहीं होता जिसे अल्लाह कर रहे हैं | ईश्वर मानवों को गुमराह नहीं करते हैं किन्तु सही और सत्य रास्ता दिखाते हैं | जब यह मानव कोई गलत काम को करने लगता है ईश्वर उसके दिल में भय, लज्जा, और शंका, उत्पन्न कर देते हैं ताकि वह इस गलत काम को न करें |
अगर कोई कहे कि यह काम तो अल्लाह का है कि वही भय, लज्जा, और शंका उतपन्न करता है | यह बात सच नहीं है क्यों कि अल्लाह ने तो केवल मुसलमानों को हिदायत दी है, तो यह काम सिर्फ मुसलमानों के साथ होनी चाहिए ? परन्तु यह मानव मात्र के साथ क्यों है, पता चला कि यह काम अल्लाह के द्वारा नहीं है | क्यों कि अल्लाह मुस्लिम और गैर मुस्लिम में भेद किया है मानवों को | ईश्वर के पास कोई भेद न होने के कारण मनुष्य मात्र के दिल में यह भय, लज्जा, शंका, उत्पन्न करा देता हैं | दूसरी बात यह होगी कि जो अल्लाह गुमराह करे गा वह गुमराही से लोगों कि बचाएगा क्यों ?
يَوْمَ تُوَلُّونَ مُدْبِرِينَ مَا لَكُم مِّنَ ٱللَّهِ مِنْ عَاصِمٍۢ ۗ وَمَن يُضْلِلِ ٱللَّهُ فَمَا لَهُۥ مِنْ هَادٍۢ ٣٣
अर्थ :- जिस दिन तुम पीछे फिरकर भागोगे, नहीं होगा तुम्हें अल्लाह से कोई बचाने वाला तथा जिसे अल्लाह कुपथ कर दे, तो उसका कोई पथ पर्दर्शक नहीं। 40,33 इस आयत में भी वही उपदेश दिया है अल्लाह ने जिसे कुपथ कर दिया उसे कोई सुपथ पे लेन वाला नहीं | इससे भी यह अंदाजा लगा लें कि अल्लाह ही अगर कुपथ दिखाए मानवों को, या अल्लाह ही अगर मानवों को भटकने वाला हो जो अवगुण एक साधारण इंसानों में भी नहीं है |
एक इन्सान कोई इंसान से रास्ता पूछता है, उसे जानकारी हो तो वह बता देता है, अगर उसे जानकारी नहीं हो तो वेह मन करता है और कहता है किसी और से पता करें मुझे मालूम नहीं है रास्ते का | लेकिन वह किसी को गलत रास्ता बताकर भटकता नहीं कभी | यह काम अल्लाह कर रहे हैं यही तो अल्लाह और ईश्वर में भेद है, यह देखकर जानकार भी कोई यह कहे कि अल्लाह और ईश्वर एक हैं, तो यह ज़रूर है कि उसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं | महेन्द्र पाल आर्य -21/10/22

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