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न जानें यह बातें क्यों हुई, और कैसे हुई ?

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न जानें यह बातें क्यों हुई, और कैसे हुई ?
देश का प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी RSS से सिखा है जो भी राष्ट्रीयता इनमें हैं वेह इन्ही संगठन से ही सिखा है |
 
लेकिन इस संगठन के जन्म दाता डॉ० केशव वलिराम हेडगेवार जी के पिता जी जो आर्य समाजी ही थे केशवजी हेडगेवार पर आर्य समाज की ही छाप है उनके जीवन से ही देखा जा सकता है |
 
इनके बाद इस कार्य को गुरु जी के नाम से प्रसिद्द गोलवरकर जी ने सम्हाला और हेडगेवार जी के मंतव्यों को छोड़ इसे पौराणिक हिन्दू वादी विचार धारा में ढाल दिया |
इससे ऋषि दयानन्द जी के वैदिक विचारों को नकार दिया और पौराणिक मूर्ति पर विश्वास रखने वाले विचारों से जोड़ा | निराकार परमात्मा को छोड़ मिटटी के बनी मूर्ति को ही परमात्मा मानने लगे |
 
यही कारण बना ऋषि दयानंद जी के बताये गए वेद ही ईश्वरीय ज्ञान है, परमात्मा एक है जो निराकार, सर्वशक्तिमान सर्व व्यापक है | गोलवरकर जी ऋषि विचारों से दुरी बनाली, और अपना संगठन RSS से जुड़े सभी सदस्यों को ऋषि दयानंद जी के मंतव्यों से दूर किया |
 
ऋषि दयानन्द मूर्ति पूजन नहीं थे और दुनिया वालों को यह भी बता दिया मूर्ति में परमात्मा है, परन्तु मूर्ति परमात्मा नहीं | इस सर्व सिद्ध और सर्व मान्य विधान को जानने और समझने का प्रयास ही नहीं किया |
 
और घोर पोरानिक मूर्ति पूजक स्वामी विवेकानंद जी की मान्यता को अपने कार्य में शामिल कर लिया | जो स्वामी विवेक नन्द जी संस्कृत को जानते ही नहीं थे अगरेजी पढ़े हुए एक सन्यासी को इन्हों ने अपना गुरु मान लिया |
 
अब वैदिक विचार धारा से हटकर यह संगठन पौराणिक विचारों को अपना जीवन का लक्ष्य मान लिया | और एक वेदज्ञ महान विद्वान, ब्राह्मण कुल कमल भाष्कर पंडित को छोड़ एक अगरेजी पढ़े को अपना गुरु मानकर उन्हें अनुकरण करने लगे |
यही कारण है की माननीय प्रधान मंत्री जी श्री नरेंद्र भाई मोदी जी उन्हीं संस्कार से निकले दयानंद का नाम लेना उनके लिए उचित कहाँ था ?
 
यही कारण बना कल गुजरात के बड़ोदरा में सबसे पहले महा पुरुषों का नाम लेते हुए प्रथम स्वामी विवेकानंद जी का नाम लिया | बाद में दूसरों का भी नाम लिया किन्तु एक बार भी उन महापुरुषों में ऋषि दयानन्द जी उन्हें याद भी नहीं आया |
जिन नरेंद्र भाई मोदी जब गुजरात के मुख्य मंत्री रहे, श्याम जी कृष्ण वर्मा का अस्थि कलश विदेश से लेकर गुजरात आये, क्या इन्हें मालूम नहीं की श्याम जी कृष्ण वर्मा के गुरु कौन थे ?
उन्हें जान कारी नहीं है यह तो मैं नहीं कह सकता | परन्तु यह तो जरुर कहूँगा की यह दयानन्द जी का नाम RSS में नहीं लिया जाता यही कारण बना उनका नाम न लेने का |
आज 19 जून 20 22 को रात 8 बजे लाइव स्ट्रीम में ऋषि दयानन्द जो कौन थे उन्हों ने क्या क्या काम किया इसपर चर्चा करूँगा | आप सभी सदर आमंत्रित हैं जरुर जुड़ना धनयवाद के साथ मह्रन्द्र पाल आर्य |

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