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बहुत बड़ा अवसर खो दिया बंगाल CM ने ||

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बहुत बड़ा अवसर खो दिया बंगाल CM ने ||
क्या ममता बनर्जी ने यह नहीं पढ़ी की ईश्वरचन्द्र बिद्यासागर जी की माता जी ने कही थी, हिंसार दारा हिंसा दूर कोरा जायना उहा प्रेमेर दारा जोय कोरिते होय =अर्थात हिंसा के द्वारा हिंसा को दूर नहीं किया जा सकता उसे प्रेम से जीतना पड़ता है |
कुछ दिनों से बंगाल में चर्चा है बाहरी और बंगाली की भारतीय जनता के मुखिया को बोहीरा गोतो कहा गया और भारत के प्रधानमन्त्री जी को भी बाहर का बताया गया | और यह कहने वाले कोई और नहीं बंगाल की माननीया मुख्यमंत्री जी के द्वारा यह सब शब्द बोले गये है |
मात्र इतना ही नहीं अनेक अपशब्द भी देश के प्रधान मंत्री जी के लिए कहा गया प्रांतीय मुख्य मंत्री जी के द्वारा क्या क्या बोला गया कब कब बोला गया अगर लिखने लगूं तो मेरा पेज छोटा पड़ जायेगा |
मुझ सिर्फ 23 जनवरी की बात करनी है जब मुख्य मंत्री साहिबा को जानकारी थी की नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी का 125 वर्ष गाँठ माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा बंगाल में मनाया जाना है, तो उन्हें रोड शो को नहीं करना चाहए था |
भले ही विरोध है विचारों का उसे इस प्रकार जग जाहिर करना क्या बंगाल वासियों की मर्यादा और गरिमा को ठेस नहीं लगी | बंगाल के गौरव मयी इतिहास को धूमिल करने के लिए मुख्यमंत्री को यह अधिकार किसने दिया ?
देश का प्रधानमंत्री के लिए कई बार कहा हम प्रधानमंत्री नहीं मानते यह बिलकुल बेतुकी बातें है राजनीती करने का मतलब यह तो नहीं की आप सारी मर्यादा को ताक पर रखें ?
कल एक सोनहरा अबसर था की मुख्यमंत्री जी बंगाल की गरिमा सुना कर सभी बंगाल वासियों का मन जीत सकती थीं और प्रधानमंत्री से लेकर सभी उपस्थित जनों को मन्त्रमुग्ध कर सकती थीं अगर उनके पास यह कला होती तो ?
उन्हों ने प्रचार किया यह लोग बाहर के हैं बंगाल का क्या जानें, तो आप अगर बंगाल की जानकारी रखती है, तो यह अवसर का फायदा उठा सकती थीं | लेकिन विरोध करके बंगाल के गरिमा पर ठेस पहुंचाया दिया | आप को पूरा अवसर था बंगाल के सुभाषचंद्र बोस थे, जिस बंगाल के वह थे उसी बंगाल की गरिमा आप को क्या मालूम है उसे भी नहीं बता सकी |
 
जो लोग मुख्य मंत्री जी के साथ नाच रहे हैं शायद उन्हें भी अपनी बंगाल की गरिमा का ध्यान नहीं है और न वह जानते है की बंगाल की गरिमा क्या है जिसे सम्पूर्ण विश्व वासियों को मालूम है | यही वह बंगाल है जिस ने सबसे कम आयु में फांसी खाने वाले खुदीराम बोस जो जन्म दिया | मातंगिनी हाजरा जैसी नारी शक्ति को जन्म दिया की जिन का नाम शायद प्रधानमंत्री जी को भी पता नहीं, उसी रेड रोड में जिनकी मूर्ति लगी है |
 
नेता जी सुभाषचंद्र बोस अपनी विद्यार्थी काल में अपने प्रिन्सीपल mr ओटेन को मारा, पर यह सब बोलने के लिए जानकारी चाहिए जो माननीय बंगाल के मुख्यमंत्री जी के पास नहीं है, भरपूर अवसर था बंगाली छाप छोड़ने का जो गँवा बैठी न मालूम फिर कोई समय इन्हें प्रधानमंत्री जी के साथ मँच मिले या नहीं ?
इसे ध्यान से पढ़ें –धन्यवाद के साथ महेन्द्रपाल आर्य = 24 /जनवरी 21

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