Vaidik Gyan...
Total:$776.99
Checkout

7 न० नाम अल्लाह का है = अलमोमिनो = अर्थ : अमन देने वाला =

Share post:

7 न० नाम अल्लाह का है = अलमोमिनो = अर्थ : अमन देने वाला = इधर अल्लाह को अमन,शांति,और चैन,तब है जब तक मुसलमानों के हाथों गैर मुस्लिमों को दुनिया से समाप्त न करवा दें उससे पहले अल्लाह को चैन कहाँ ? दुनिया में मार काट करना शांति, या अमन हैं ? फिर अशान्ति क्या है ? इस्लाम को शान्ति वाला बता दिया | अब अल्लाह को यह पता नहीं लगा की शांति और अमन के लिए मानवों को क्या उपदेश देना है ? इसी प्रकार कुरान में अशान्ति फ़ैलाने वाली कितनी आयतें हैं गैर मुस्लिमों को जहां पाओ कतल करो जब तक अल्लाह का दीन दुनिया में फ़ैल न जाएँ तब तक गैर मुस्लिमों को मारो | क्या यही अमन है अल्लाह का ? या फिर अल्लाह की यही सलामती है ? देखें कुरान में 8/65 को

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ حَرِّضِ ٱلْمُؤْمِنِينَ عَلَى ٱلْقِتَالِ ۚ إِن يَكُن مِّنكُمْ عِشْرُونَ صَـٰبِرُونَ يَغْلِبُوا۟ مِا۟ئَتَيْنِ ۚ وَإِن يَكُن مِّنكُم مِّا۟ئَةٌۭ يَغْلِبُوٓا۟ أَلْفًۭا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِأَنَّهُمْ قَوْمٌۭ لَّا يَفْقَهُونَ ٦٥

अर्थ :- ऐ नबी मोमिनों को जंग पर उभारो अगर तुम में से बीस {20}आदमी मुसलमान हों सबर करने वाला हो, तो वे दो सौ {200} पर भारी पड़ेंगे, और अगर सौ आदमी ऐसे हों, तो हजारों पर भारी पड़ेंगे | क्यों की वे ऐसे लोग हैं जो समझ नहीं रखते |

तो यह है अल्लाह की सलामती चैन और अमन की बातें, इन आयातों के रहते हुए धरती पर मानवों में शांति कैसे आ सकता हैं ? और यह अल्लाह खुद कह रहे हैं इस बात को | अब इन्हीं बातों को ईश्वर के साथ मिला कर देखें, की ईश्वर ने कहीं भी यह बताया है की मुसलमानों को मारो, ईसाईयों को मारो यह उपदेश किसी भी ईश्वरीय ग्रन्थ में है क्या ? इसके बाद भी कोई कहे ईश्वर, अल्लाह एक है मेरे विचार से तो उन्हें मानव समाज से निकाल कर किसी पागल समाज में भेज देना  चाहिए |

आज इस्लाम के मानने वालों ने, हिन्दुओं को मार रहे हैं चिल्ला चिल्ला कर सर तन से जुदा यही तो इस्लामिक शिक्षा है, तो पूरी दुनिया में मानव कहलाने वाले देख रहे हैं | गुस्ताखे रसूल की एक ही सजा, सर तन से जुदा | जब की यह गुस्ताख जिनकी है उसपर कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं, अगर सर तन से जुदा हो तो उन हदीसों के लिखने वालों की होनी चाहिए, पर वे तो नहीं है उन्हें कहाँ पाएंगे ? एक काम यह तो हो सकता है की यह बातें जहां जिन किताबों में लिखी हो उन किताबों को दुनिया से हटा दें | न रही किताब तो इसपर कोई बोल ही नहीं पायेगा, यह काम तो इन्हें करना नहीं आया और खामखा मानव समज में विष घोल रहे हैं |

Top